धान की फसल के लिए नर्सरी तैयार करना है तो अभी से करें ये उपाय, जानें कृषि वैज्ञानिकों की सलाह

किसानों को धान की नर्सरी तैयार करने से पहले जानें कृषि वैज्ञानिकों की सलाह किया (Dhan Ki Nursery Kaise Taiyar Karen) उपाय करने चाहिए

Dhan Ki Nursery Kaise Taiyar Karen | मई का महीना आरंभ हो चुका है। ऐसे में किसानों को धान की खेती के लिए अभी से तैयारी है वह आरंभ कर दी गई है ऐसे में किसानों को आने वाले समय में धान की फसल में रोग व कीटों से बचाव के लिए अच्छी तरह से नर्सरी तैयार करना बहुत ही आवश्यक है। अगर किसान नर्सरी अच्छी तरह से तैयार करते हैं तो आने वाले समय में उन्हें कई तरह के रोगों से बचाव होगा। और इस समय किसानों को अच्छी किस्म का चुनाव और बीज को उपचारित कर ही नर्सरी का तैयार करना चाहिए। किसानों को वैज्ञानिकों के द्वारा बताए गए तरीकों से नर्सरी को तैयार कर अच्छा उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं।

किसानों को नर्सरी तैयार करने के लिए कृषि वैज्ञानिकों की ओर से कई तरह के सुझाव दिए गए हैं उसमें से किसानों को नर्सरी तैयार करने से पहले समस्त और अच्छी किस्म का बीज लेना चाहिए ताकि उन्हें उगाव में कोई दिक्कत ना हो। वैज्ञानिकों के अनुसार धन की पौध को तैयार करने के लिए क्यारियों का निर्माण करें। लंबाई 8 मीटर और चौड़ाई 1.5 मीटर रखना चाहिए और इसमें अच्छे बीज का चुनाव कर छिड़काव के द्वारा नर्सरी तैयार करें और जब तक नर्सरी में पौधे हरी-भरी ना हो तब तक पक्षियों से इसे बचाना भी बहुत जरूरी है।

नर्सरी के लिए बनाई गई क्यारियों में पौध को 2 से 3 दिन तक सही से उगाव हो तब तक घास फूस या पुलाव के द्वारा ढककर सुरक्षित रखा जा सकता है।

 

पौध तैयार करने से की प्रक्रिया

किसानों को धान की फसल के नर्सरी तैयार करने के लिए बीच की मात्रा भी अवश्य ध्यान में रखना चाहिए।

1. बासमती धान के लिए बीच की मात्रा 20 से 25 किलोग्राम तक रखें।
2. धान मध्यम आकार की किस्म में 40 KG
3. मोटे धान के लिए बीज 45 KG

बीज को रोग मुक्त करना

धान की नर्सरी से पहले बीज को उपचार करने के लिए किसान कार्बण्डाजिम 2.5 ग्राम या फिर इसके अलावा थीरम या फिर आप 4 ग्राम ट्राइकोडर्मा के द्वारा बीजोपचार करना चाहिए।

अन्य जीवाणु धारी रोग या जीवाणु झुलसा रोग की समस्या देखने को मिलती है ऐसे में किसानों को
4 ग्राम स्ट्रेप्टोसाइक्लीन या फिर इसके अलावा 40 ग्राम प्लांटोमाइसीन को 25 किलोग्राम बीज में डालकर पानी में रातभर भिगो कर रखें और 24 से लेकर 36 घंटे तक छोड़ दें। और (Dhan Ki Nursery Kaise Taiyar Karen) इसके बाद किसानों को छाया में अगले दिन सुखाकर नर्सरी में उपयोग कर सकते हैं।

 

 

पानी के साथ मिट्टी का चुनाव

धान की नर्सरी डालने से पहले किसानों को अपने मिट्टी की जांच करवाना भी आवश्यक है। और भूमि में पानी निकालने का उचित प्रबंध होने के साथ-साथ अच्छी क्वालिटी का पानी हो और जहां पर नर्सरी तैयार कर रहे हैं। वहां पर पानी होना बहुत ही आवश्यक है ताकि आवश्यकता पड़ने पर पानी नर्सरी में दिया जा सके। इसके अलावा जहां पर नर्सरी तैयार करनी है वहां पर किसानों को पहले अच्छे तरह से दो से तीन हाल से जुटाए करें और उसे खरपतवार ना पैदा हो इसके लिए अच्छी तरह से जमीन को तैयार करना है।

 

खाद कितना डालना चाहिए

धान की फसल का अच्छा उत्पादन लेने के लिए किसानों को नर्सरी में संतुलित पोषक तत्वों का भी डालना आवश्यक है इसके लिए किसानों को 1000 वर्गमीटर के क्षेत्र में कृषि वैज्ञानिकों के मुताबिक गोबर की गली हुई साड़ी खाद जिसकी मात्रा 10 क्विंटल रखना है और इसके अलावा डाई अमोनियम फास्फेट 10 किलोग्राम और जिंक सल्फेट ढाई सौ किलोग्राम जुटा से पहले अच्छी तरह से मिट्टी में डालना होगा।

इसके साथ-साथ किसान नर्सरी में पौधों की बुवाई करने के बाद अगर 10 से 12 दिन के बाद हल्का पीलापन आए तो उसमें एक हजार वर्ग मीटर क्षेत्र में 10 किलोग्राम यूरिया का उपयोग कर सकते हैं।

 

नोट:- किसान साथियों धान की नर्सरी तैयार करने के लिए आपको ऊपर हमारे द्वारा बताई गई जानकारी को अच्छे से तरह से समझ कर तैयारी करें और इसके अलावा अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए अपने आसपास की किसी भी कृषि विभाग के द्वारा जानकारी प्राप्त किया जा सकता है ताकि अच्छा उत्पादन प्राप्त हो।

 

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